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क्या मोदी कैबिनेट में फेरबदल से विकास को गत&#

  • 16 Feb

    क्या मोदी कैबिनेट में फेरबदल से विकास को गत&#

     

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही कैबिनेट में बड़ा फेरबदल कर सकते हैं. बहुत संभव है, ये बदलाव

    बजट सत्र के शुरू होने से पहले ही हो जाय. हालांकि पिछले ही साल नवंबर 2014 में दिल्ली और

    बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पहली बार मंत्रिमंडल में बदलाव किया गया था, लेकिन इन

    दोनों ही राज्यों में उम्मीद के विपरीत परिणाम मिलने के बाद से लगातार एक बार फिर कैबिनेट

    में बदलाव की चर्चा शुरू हो गई थी.

    जबरदस्त मोदी लहर के बावजूद लोकसभा का चुनाव पंजाब से हारने वाले अरुण जेटली का

    प्रभाव लगातार मोदी कैबिनेट में न० 2 का बना हुआ है. ये तीन प्रमुख मंत्रालयों को संभाले हुए

    हैं. तो क्या इनके पर कतरे जा सकते हैं? क्या वित्त मंत्रालय इनसे छीना जा सकता है? अरुण

    जेटली का जन्म 28 दिसंबर 1952 को दिल्ली में हुआ था. चूँकि जन्म समय निर्धारित नहीं है

    इसलिए सूर्य कुंडली के आधार पर विवेचना की जा रही है. गुरु वक्री होकर सूर्य को नवीं दृष्टि से

    देख रहा है. गोचर का गुरु भी सूर्य को देख रहा है, साथ ही सातवीं दृष्टि से मंगल को देख रहा

    है, जो इन्हें प्रभावशाली राजनेता बनाता है. लेकिन गोचर का राहू भी कुंडली में मंगल को देख

    रहा है. वृश्चिक राशि में बुध के ऊपर स्थित गोचर के शनि की दृष्टि राहू और शुक्र पर पड़ रही

    है. गुरु के गोचर के कारण ये दमदार तो बने रहेंगे, लेकिन शनि की दृष्टि राहू पर होने के

    कारण स्कैंडल योग बन रहा है. यही कारण हैकि डीडीसीए में भ्रष्टाचार के आरोप इनपर लगे.

    लेकिन वर्तमान ग्रहों के संयोग से ये बेदाग़ निकल आयेंगे, कुंडली में शनि इनका उच्च का होकर

    तुला राशि में विद्यमान है. शनि के प्रभाव के कारण ही ये आर्थिक सुधारों को कोई खास गति

    नहीं दे सके. अभी शनि-चन्द्रमा की दशा चल रही है. हालांकि चन्द्रमा इनका उच्च का है, लेकिन

    मंगल से पीड़ित होने के कारण सही निर्णय लेने में कठिनाई अनुभव करेंगे. इसलिए वित्त

    मंत्रालय इनसे वापस लिया जा सकता है. फिर भी ये प्रमुख योजनाकार बने रहेंगे.

    अब स्मृति ईरानी की कुंडली का अवलोकन करते हैं. इनका जन्म 23 मार्च 1972 को दिल्ली में

    हुआ था. इनकी कुंडली की विवेचना भी सूर्यकुंडली के आधार पर ही करेंगे. इनका सूर्य और नीच

    का बुध मीन राशि में तथा शनि और मंगल वृषभ राशि में विद्यमान है. गुरु अपनी ही राशि

    धनु में विराजमान है. इनका राहू मकर राशि में है, इसलिए गोचर के शनि की दृष्टि राहू, शनि

    और मंगल पर पड़ रही है, जिस कारण इनको कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, पिछले

    वर्ष ये सुर्ख़ियों में तब आयीं थीं जब भीलवाडा के सुप्रसिद्ध ज्योतिषी नत्थू लाल व्यास के साथ

    इनकी फोटो मिडिया में आ गयी थी. अभी नीच के ग्रह बुध की दशा चल रही है. ग्रहों के योग

    ऐसे बन रहे हैं, जिनसे लगता है कि मंत्रिमंडल से इनकी छुट्टी तय है. और यदि मोदी जी की

    कुंडली देखते हैं तो नीच के चन्द्रमा की दशा चल रही है, जिसकारण ये फेरबदल करेंगे. लेकिन

    यह वर्ष भी साधारण ही जायेगा. लेकिन अभी सूर्य के गोचर से समर्थन मिलने के कारण इनका

    प्रभाव बढेगा और ये मंत्रिमंडल को गतिशील बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे. जब

    उत्तरप्रदेश के चुनाव का समय आएगा तब चन्द्रमा में उच्च के गृह बुध की अन्तर्दशा चलेगी जो

    इनको भरपूर सफलता दिलाने में सक्षम होगी. इसलिए ये कहा जा सकता हैकि उत्तर प्रदेश से

    कुछ नए चेहरे शामिल हो सकते हैं.

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